अकड़ तोड़नी है उन मंजिलों की, जिनको अपनी ऊंचाई पर गरूर है..!! शेर को जगाना और हमे सुलाना किसी के बस की बात नहीं, हम वहां खड़े होते हैं जहा मैटर बड़े होते हैं..!!

औकात नहीं है दुश्मनो की आँख से आँख मिलाने की, और बात करते हैं साले घर से उठाने की..!! बादशाह नही, टाइगर हूँ मैं, इसलिए लोग इज्ज़त से नही, मेरी इजाज़त से मिलते है..!

औकात की बात मत कर ‪ऐ दोस्त, लोग तेरी ‪बंदूक से ज्यादा मेरी मूँछ से डरते है..! मुझे क्या डराएगा मौत का मंजर, हमने तो जन्म ही कातिलों की बस्ती में लिया है..!!

हथियार तो हम शौक के लिए रखते हैं, खौफ के लिए तो हमारा नाम ही काफी है..!! दुश्मन से क्या डरना, शेर हूँ दुश्मन होना जायज़ है..!!

हम बात ख़त्म नहीं करते कहानी ख़त्म करते हैं..!! जंगल में शेर जब चैन की नींद सोता है, तो कुत्तो को ग़लतफ़हमी हो जाती है कि जंगल में अपना राज है..!!

शेर के पाव में अगर काटा चुभ जाये, इसका ये मतलब नही की कुत्ते राज्य करेंगे..!! नाम तो हर किसी का चल सकता है, बस चलाने का दम होना चाहिये..!!

नाम तो हर किसी का चल सकता है, बस चलाने का दम होना चाहिये..!! हम तो पहले से बिगडे हुऐ है, हमारा कोई क्या बिगाड लेगा..!!

हम बंदूक के ट्रिगर पे नहीँ, बल्कि खुद के जीगर पे जीते हैं..!! इरादे सब मेरे साफ़ होते हैं, इसीलिए लोग अक्सर मेरे ख़िलाफ़ होते हैँ..!!

वक्त ने फसाया है, लेकिन मैं परेशान नही हूँ, हालातों से हार जाऊँ, मैं वो इंसान नही हूँ..!! आज भी हम हारी हुई बाज़ी खेलना पसन्द करते हैं, क्योंकि हम अपनी किस्मत से ज़्यादा खुद पर भरोसा करते हैं..!!

औकात का पता तो वक्त आने पर चलता है यारो, रात को गिधड कितना भी चिल्ला ले, सुबह को दबदबा तो शेर का ही होता है..!! ज़िन्दगी से एक सबक मिल गया है, अकड़ में रहोगे तो लोग औक़ात में रहते है..!!